प्रेम मार्डी का धुआंधार जन जागरण अभियान
प्रेम मार्डी का धुआंधार जन जागरण अभियान केवल एक राजनैतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि यह सरायकेला विधानसभा क्षेत्र में बढ़ते जन आक्रोश का सीधा प्रमाण है। प्रेम मार्डी जब गांव-गांव जाकर लोगों से मिले, तो उन्होंने मौजूदा सरकार की विफलताओं का कच्चा चिट्ठा खोलकर सामने रख दिया। सरकार, जो जनता के मूलभूत अधिकारों की गारंटी देने में पूरी तरह असफल रही है, उसे अब इन सवालों का जवाब देना होगा।
गांवों में फैली गरीबी, बेरोजगारी और बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि टूट चुकी उम्मीदों में साफ दिखती हैं। प्रेम मार्डी ने लोगों से सीधा सवाल किया— "कितने और साल इस व्यवस्था की मार झेलनी पड़ेगी? क्या अब भी समय नहीं आया कि हम एकजुट होकर इन शासकों की सच्चाई सामने लाएं?"
जो लोग सरकार का ढोल पीटते हैं, उन्हें अब जवाब देना चाहिए कि क्यों आज भी गांवों में पानी की कमी है? क्यों रोजगार के अवसर गायब हैं? क्यों शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी जर्जर हालत में हैं? मर्डी ने साफ तौर पर कहा कि यह सरकार केवल वादों की दुकान चला रही है, जबकि हकीकत में जनता को उनके बुनियादी हकों से वंचित रखा जा रहा है।
यह आंदोलन सिर्फ सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि एक नई दिशा और न्याय के लिए है। अब जनता चुप नहीं बैठेगी।
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